घरेलू औषधीय पौधे : घर पर अवश्य लगाएं
ऐसी कई घरेलू औषधियां है जिन्हें हम सामान्य वनस्पति समझ कर उनकी ओर ज्यादा ध्यान नहीं देते जबकि छोटे-बड़े रोगों से निपटने हेतु यही औषधियां बहुत कारगर होती हैं, क्योंकि इनका कोई विपरीत प्रभाव भी नहीं होता है और इनके नियमित सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।
प्रमुख घरेलू औषधियां
तुलसी घृतकुमारी सेम धनिया पुदीना ब्राह्मी गेंदा गुड़हल इत्यादि वनस्पतियां हम सामान्य जीवन में यूं ही देखते रहते हैं किंतु यह बहुत ही उपयोगी घरेलू औषधियां हैं जिनके उपयोग से कई रोगों से ग्रसित व्यक्तियों के जीवन में सुधार हो सकता है।
प्रमुख घरेलू औषधियों के फायदे व प्रभाव
कुछ प्रमुख घरेलू औषधियों के फायदे वह प्रभाव के बारे में विवरण निम्न प्रकार दिया गया है:-
तुलसी: विद्यार्थियों को सुबह के समय हल्के गुनगुने पानी के साथ तुलसी के पत्तों को लेना चाहिए। इससे विद्यार्थियों की याददाश्त क्षमता में वृद्धि होती है तथा उनको ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है।
खांसी जुखाम की समस्या में तुलसी असरदार होती है।
गिलोय: गिलोय को शास्त्रों में अथवा प्राचीन चिकित्सा संबंधी ग्रंथों में अमृतवेल कहा गया है यह चमत्कृत औषधि है इसका मुख्य का प्रयोग बुखार, खांसी, नेत्ररोग, भूूख कम लगने, डायबिटीज, पीलिया, कब्ज कैंसर इत्यादि रोगों में किया जाता है। इसको मुख्य रूप से काढ़ा बनाकर पिया जाता है।
गर्भावस्था अथवा निम्न रक्तचाप की स्थिति में गिलोय का सेवन नहीं करना चाहिए।
घृतकुमारी: घृतकुमारी को मुख्यता त्वचा की सुंदरता बढ़ाने हेतु ही जाना जाता है किंतु इसका प्रयोग विभिन्न प्रकार से औषधि के रूप में किया जाता है। आग से जले हुए स्थान पर एलोवेरा लगाने से राहत मिलती है। डायबिटीज को कंट्रोल करने में भी यह सहायक है। एलोवेरा अधिकृत कुमारी विटामिंस मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट की भरपूर मात्रा इसमें निहित होती है।
सेम: त्वचा पर हल्के सफेद दाग उभर आने पर सेम के पत्ते लगाने से राहत होती है।
पुदीना: पुदीना गर्मी के दुष्प्रभाव को दूर करता है और लू इत्यादि जैसी समस्याओं में राहत देता है। पुदीना मुंह की दुर्गंध को भी दूर करने में सहायक है।
धनिया: यूं तो हमारे घरों में धनिया चटनी बनाने अथवा खाने को बनाने के उपरांत उसमें ऊपर से डालने हेतु इसका हम प्रयोग करते हैं किंतु यह भी औषधीय गुणों से परिपूर्ण हैं। इसका प्रयोग आंखों में सूजन होने, कब्ज, अपच व खांसी इत्यादि रोगों इसका प्रयोग लाभकारी है।
गेंदा: गेंदे का फूल देखने में बहुत ही सुंदर होता है। उतना ही यह पौधा औषधि गुणों को लिए हुए होता है। गेंदे का इस्तेमाल सूजन अथवा घाव होने पर किया जाता है। डायबिटीज में भी इसका प्रयोग किया जाता है।
सांस संबंधी समस्या होने पर गेंदे के पत्तों को हाथों से थोड़ा सा मसल कर उसको सुंघने से लाभ मिलता है।
गुड़हल: गुड़हल का फूल मुख्यत हम पूजा अर्चना हेतु प्रयोग करते हैं। इस फूल व इस पौधे की पत्तियों में औषधीय गुण प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। मुंह के मुहासे अथवा बालों की झड़ने की समस्या को यह दूर करता है।
घर पर पाए जाने वाले कुछ मुख्य पौधों के औषधीय गुणों की हमने ऊपर चर्चा की। किंतु यह चर्चा अभी पूर्ण रुप से खत्म नहीं हुई है क्योंकि इन पौधों की विशेषताएं यहीं तक सीमित नहीं है। साथ ही इनके अलावा भी बहुत से ऐसे पौधे हैं ,जिन्हें हम सामान्य समझते हैं किंतु उनमें औषधीय गुण उपस्थित रहते हैं।
आगे की चर्चा में हम इन्हीं औषधीय पौधों की एक-एक कर विवेचना करेंगे। यदि आपको किसी प्रकार का कोई प्रश्न औषधीय पौधों से संबंधित हो, तो आप कमेंट करके हम से प्रश्न पूछ सकते हैं।हम आपकी समस्या का समाधान करने हेतु सदैव तत्पर रहेंगे। धन्यवाद।
स्वस्थ रहिए। खुश रहिए।








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